Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi

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| Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi | आज हम Mutual Funds की Open Ended and Close Ended Scheme के बारे में बात करेंगे । लेकिन इस Topic को शुरु करने से पहले अगर आपको नहीं पता कि Mutual Funds क्या है । तो आप मेरा Mutual Fund वाला ब्लॉग पढ़ सकते हो । वैसे तो म्यूच्यूअल फण्ड को तीन भागो में बांटा गया है । जो कि Structure Base Mutual Fund, Asset Based Mutual Funds, Investment Base Mutual Funds। आज हम Structure Base Mutual Funds की किस्म के बारे में बात करेंगे ।

Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi

Structure Base Mutual

1. Open Ended Mutual Funds

2. Close Ended Mutual Funds

1. Open Ended Mutual Funds

जैसे कि नाम से पता चल रहा है यह वह म्यूच्यूअल फंड्स होते है । जिसमें Entry और Exist का कोई समय नहीं होता । इसमें आप जब जाहे इस म्यूच्यूअल फंड्स या इसकी यूनिट को खरीद या बेच सकते हो । इस स्कीम में आप थोड़े पैसो से भी हर महीने म्यूच्यूअल फंड्स को खरीद सकते जिसे हम SIP (Systematic Investment Plan) भी कहते है, इसमें आप कभी भी Lumpsum Investment भी कर सकते हो । ये SIP और Lumpsum क्या है मैं आपको किसी और ब्लॉग में बताऊँगा । इसमें आप चाहे तो सारी Unit या कुछ Unit कभी भी बेच सकते हो ।

1. Advantage of Open Ended Mutual Funds

a. High Liquidity

Open Ended Mutual Funds में जो Liquidity होती है वह बहुत ज्यादा होती है । High Liquidity होने के कारण इसमें हमेशा आपको रोज़ Buying or Selling देखने को मिलती है । | Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi |

b. Past Tracking Record

Open Ended Mutual Funds में रोज़ Buying और Selling होने के कारण इसका रिकॉर्ड रहता है कि एक दिन या एक साल में कितने लोगो ने इसको ख़रीदा या बेचा है, या इस फण्ड ने एक साल या दो साल में कितना Return दिया ।

c. Different Systematic Options

इस म्यूच्यूअल फंड्स स्कीम के आपको काफी विकल्प (Options) मिल जाते है जैसे कि SIP (Systematic Investment Plan), Lumpsum, SWP (Systematic Withdrawal Plan), STP (Systematic Transfer Plan)

2. Disadvantage of Open Ended Mutual Funds

a. Exit Load

Open Ended Mutual Funds में आपको Exit Load यानि कि म्यूच्यूअल फंड्स की यूनिट्स को बेचने के बदले में आपको कुछ Fees देनी होती है जिसे हम Exit Load कहते है । यह होती तो कम है अगर ये Amount करोड़ों में है तो आपको लाखो में Exit Load की Fees देनी पड़ेगी ।

b. Volatility

इस फंड्स को रोज़ खरीदने या बेचने की वजह से इसमें volatility देखने को मिलती है । इसमें नुकसान तब होता है जब हमारी स्टॉक मार्किट गिरती है तो यह फण्ड volatile होने के कारण काफी गिर जाते हैं जिसकी वजह से लोग डर कर अपने फंड्स को नुकसान पर बेचना शुरू कर देते है ।

Open Ended Mutual Funds में किसको निवेश करना चाहिए | Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi |

Open Ended Mutual Funds में उन लोगों को निवेश करना चाहिए जो लोग जोखिम लेने को तैयार है और जो लोग लम्बे समय के लिए आना चाहते है । इसमें उन लोगों को भी निवेश करना चाहिए जो अपने पैसो को कभी भी निकाल सकते है ।

Open Ended and Close Ended Mutual funds in Hindi

2. Close Ended Mutual Funds

Close Ended Mutual Funds में आप तय किये हुए समय तक ही निवेश कर सकते हो । इस किस्म के म्यूच्यूअल फंड्स में समय और unit यानि कि NAV पहले से ही निर्धरित होती है । आप इसमें अपनी मर्ज़ी से Unit खरीद या बेच नहीं सकते । ये समय और Mutual Fund Unit NFO (New Fund Offer) के जरिये तय की जाती है । जब तक ये NFO यानि कि New Fund Offer चल रहा होता है तब तक आप इस किस्म के म्यूच्यूअल फण्ड को खरीद सकते हो । जब यह offer बंद हो जाता है तब आप इस म्यूच्यूअल फण्ड को खरीद नहीं सकते । इस म्यूच्यूअल फण्ड की अवधि (Lock-In-Time Period) 3 साल से लेकर 5 साल तक होता है ।

1. Advantages of Close Ended Mutual Funds

a. Long Term Benefit

Close Ended Mutual Funds में Lock In Period होने के कारण यानि की म्यूच्यूअल फण्ड के तय समय के कारण इसे लोग एक निर्धारित समय के बाद ही बेचते जिस कारण उन्हें Guaranteed Return मिलते है ।

b. No Liquidity

इसमें liquidity बहुत ही कम देखने को मिलती है क्योंकि ये एक निर्धारित समय के लिए होते है परन्तु अगर कोई इसे बेचना चाहे तो Exchange के जरिये इसको बेच सकता है लेकिन ये बहुत ही कम देखने को मिलता है । कम liquidity होने के कारण लोग और Fund Manager इसे लम्बे समय तक रख पाते है ।

c. Low Risk

Closed Ended Mutual Funds में Lock Period होने के कारण इन फंड्स को रोज़ ख़रीदा या बेचा नहीं जाता तो इसमें आपके पैसे डूबने का chance बहुत ही कम होता है ।

2. Disadvantage of Close Ended Mutual Funds

a. No SIP

इस फण्ड में कोई भी SIP की सुविधा नहीं होती । NFO द्वारा कुछ रकम तय कर दी जाती है तो Lumpsum के रूप में ली जाती है ।

b. Fixed Lock In Period

Close Ended Mutual Fund में एक तय समय होता है जिस कारण आप अपना पैसा या म्यूच्यूअल फंड्स की यूनिट को नहीं बेच सकते, फिर जाहे मार्किट ऊपर चल रही हो या चाहे मार्किट गिर रही हो आप उस Unit को नहीं बेच सकते ।

c. No Track Record

Liquidity न होने के कारण आप Close Ended Mutual Funds का रिकॉर्ड चेक नहीं कर सकते कि इसने एक महीने में कैसा perform किया या एक साल में कैसा परफॉर्म किया ।

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